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बिहार में रेलवे विकास के एक महत्वपूर्ण चरण की जानकारी दी गई है। नए रेल खंड की सुरक्षा जांच पूरी हो गई है।
हाजीपुर में, बिहार के रेलवे विकास में एक नया मील का पत्थर तय किया गया है। हाल ही में, 9 किलोमीटर लंबा अमहा पिपरा-त्रिवेणीगंज खंड सुरक्षा जांच से गुजरा। यह जांच शुक्रवार को हुई और इसमें नए बनाए गए ट्रैक, पुल, नाले और स्टेशन की सुविधाओं पर ध्यान दिया गया।
इस सुरक्षा जांच का नेतृत्व पूर्वी रेलवे के सुरक्षा आयुक्त, श्री सुमित सिंघल ने किया। जांच टीम ने रेलवे संचालन के लिए जरूरी कमरों, जैसे पैनल रूम, रिले रूम और आईपीएस रूम का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा, सुरक्षा और गति का परीक्षण करने के लिए अमहा पिपरा और त्रिवेणीगंज के बीच एक विशेष ट्रेन चलाई गई।
अमहा पिपरा-त्रिवेणीगंज खंड 95 किलोमीटर लंबे अरेरिया-सुपौल नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का पहला चरण, जो 22 किलोमीटर का सुपौल-अमहा पिपरा खंड था, मार्च 2025 में पूरा हुआ था। अब इस दूसरे चरण से 9 किलोमीटर और जुड़ने से यह परियोजना अपने लक्ष्य के करीब पहुँच गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नया खंड ट्रेन यात्रा को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाएगा। इसके अलावा, यह माल की आवाजाही को बेहतर करेगा, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देगा और बिहार के दूरदराज के क्षेत्रों तक आसान पहुँच प्रदान करेगा।
आस-पास के समुदायों को बेहतर कनेक्टिविटी और इसके साथ आने वाले आर्थिक अवसरों का लाभ मिलेगा। इस नई रेल लाइन से यात्रा की सुविधा में सुधार होगा और स्थानीय विकास को गति मिलेगी।
Summary:
- बिहार में अमहा पिपरा-त्रिवेणीगंज खंड की सुरक्षा जांच पूरी हुई।
- यह खंड 95 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना का हिस्सा है।
- नए खंड से यात्रा सुरक्षित और तेज होगी।
- स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- आस-पास के क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी होगी।






