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बिहार सरकार ने 26 नए फैसले लिए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों के लिए योजना और बजट का विस्तार शामिल है।




पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने मंगलवार को 26 नए फैसले लिए। यह बैठक सुबह 10:30 बजे हुई और इसमें कई विभागों जैसे उद्योग, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण, ग्रामीण विकास आदि के लिए मंजूरी दी गई।


उद्योग विभाग ने मुंगेर जिले में 466 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी जिसके लिए 1,246 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पटना में अनाज भंडारण प्रबंधन और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का भी निर्णय लिया।


ग्रामीण विकास विभाग के लिए पटना में बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति का कार्यालय बनाने की मंजूरी दी गई है, जिसका अनुमानित खर्च 73.66 करोड़ रुपये है। जल संसाधन विभाग ने उदेरस्थन बैराज के लिए 651 करोड़ रुपये खर्च के लिए मंजूरी दी है।


शहरी विकास और आवास विभाग ने शहरी निकायों के बकाया बिजली बिल चुकाने के लिए 400 करोड़ रुपये जारी किए हैं और छह शहरों में LPG आधारित शमशान घाट बनाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, पंचायती राज विभाग ने विवाह मंडप निर्माण के लिए 7 अरब रुपये से अधिक की मंजूरी दी है।


आर्थिक विभाग ने यात्रा भत्ते की दरों में बदलाव किया है और बिहार आकस्मिकता कोष का आवंटन 31,689 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी बढ़ाया गया है, जिससे अब उनकी मासिक आय 9,000 रुपये हो गई है।





Summary:

  • बिहार कैबिनेट ने 26 नए फैसले लिए हैं।

  • उद्योग विभाग ने 1,246 करोड़ रुपये में भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी।

  • ग्रामीण विकास के लिए 73.66 करोड़ रुपये का कार्यालय बनेगा।

  • शहरी विकास के लिए 400 करोड़ रुपये बिजली बिल चुकाने के लिए दिए गए।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 9,000 रुपये किया गया।



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