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यह लेख बिहार चुनाव के लिए प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी और यात्रा व्यवस्था की स्थिति को बताता है।
पटना में, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए लोग अपने घर लौटने लगे हैं। चुनाव दो चरणों में होंगे, पहला चरण 6 नवंबर को है। लोग छठ पूजा के बाद अपने-अपने जिलों में तेजी से वापस आ रहे हैं।
राजनीतिक दलों ने पहले प्रवासियों की घर वापसी को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इसका उल्टा हो रहा है। ट्रेनें पूरी तरह से भरी हुई हैं, और हवाई टिकट भी महंगे हो गए हैं। छठ पूजा के कारण यात्रा की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है।
पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर से दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों के लिए रेल सेवाएं बहुत दबाव में हैं। कई ट्रेनें अपने सामान्य यात्री संख्या से तीन गुना अधिक चल रही हैं। उदाहरण के लिए, 29 अक्टूबर को तेजस राजधानी एक्सप्रेस के लिए 280 लोगों की वेटिंग लिस्ट है।
स्लीपर क्लास भी पूरी तरह से बुक हो चुकी है। भागलपुर से आनंद विहार और मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए ट्रेनें नवंबर की शुरुआत तक वेटिंग लिस्ट में हैं। मुंबई और बेंगलुरु के लिए भी टिकट नहीं मिल रहे हैं।
यात्री अतिरिक्त ट्रेनों की मांग कर रहे हैं, खासकर दक्षिण भारत के लिए। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने अभी तक किसी नई ट्रेन की घोषणा नहीं की है। यात्रा की स्थिति को लेकर कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
Summary:
- बिहार विधानसभा चुनाव के कारण प्रवासी श्रमिक अपने घर लौट रहे हैं।
- छठ पूजा के बाद यात्रा की मांग बढ़ गई है।
- रेल सेवाएं अधिकतम क्षमता पर चल रही हैं।
- स्लीपर क्लास में भी जगह नहीं मिल रही है।
- अतिरिक्त ट्रेनों की कोई घोषणा नहीं की गई है।






