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यह लेख बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण की योजना के बारे में जानकारी देता है, जिसमें नए उपकरण और तकनीकें शामिल हैं।
पटना में, बिहार पुलिस अपने आप को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ी योजना बना रही है। इस योजना के तहत पुलिस बल को नए हथियार, स्मार्ट उपकरण और उन्नत तकनीक से लैस करने की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी पुलिस मुख्यालय में एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
इस योजना का नाम “राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए सहायता” (ASUMP) है। इसमें केंद्रीय सरकार 60% धन प्रदान करेगी, जबकि राज्य सरकार 40% का योगदान देगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस नई योजना से पुलिस बल की कार्यकुशलता और तकनीकी क्षमता में सुधार होगा। योजना में सीसीटीवी कैमरे भी शामिल हैं, और पहले ही 1,212 स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, 176 और स्थानों पर कैमरे लगाने की योजना है, जिसके लिए 280 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
राज्य पुलिस विशेष इकाइयों को भी मजबूत कर रही है। विशेष सुरक्षा समूह को 21.37 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। बम निपटान दस्ते को 20.57 करोड़ रुपये का उपकरण मिलेगा। इसके साथ ही, आर्थिक अपराध इकाई भी साइबर अपराध के लिए सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित कर रही है।
आधुनिकीकरण के लिए अन्य महत्वपूर्ण आवंटन में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के लिए 6.60 करोड़ रुपये, रेलवे पुलिस के लिए 44 लाख रुपये और विशेष शाखा के लिए 91 लाख रुपये शामिल हैं। यह कदम पुलिस की प्रतिक्रिया समय में सुधार और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है।
Summary:
- बिहार पुलिस का आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू हुआ है।
- केंद्र सरकार 60% और राज्य 40% धन का योगदान करेगा।
- 66 करोड़ रुपये का बजट 2025-26 के लिए निर्धारित किया गया है।
- विशेष इकाइयों को भी नए उपकरण और वित्तीय सहायता मिलेगी।
- यह योजना साइबर सुरक्षा और प्रतिक्रिया समय में सुधार के लिए है।






