What’s inside:
यह लेख बिहार में नए सरकार के गठन के बाद चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान के बारे में है। यह अभियान विभिन्न शहरों में चल रहा है, जिससे लोगों में डर और चिंता है।
पटना में नए सरकार के गठन के बाद, बिहार में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हो गया है। इससे कई शहरों में डर और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। प्रशासन ने सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि उन्हें भारी जुर्माना और फिर से तोड़फोड़ का सामना करना पड़ेगा।
पहला बड़ा कदम समस्तीपुर में उठाया गया, जहां रेलवे स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाए गए। यहां रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में लोग अपनी चीजें हटाने के लिए समय मांग रहे थे। अधिकारियों ने 10 दिन की मोहलत दी लेकिन यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने का काम जारी रहेगा।
लखीसराई में भी अभियान ने तेजी पकड़ ली है। यहां, डीएम और एसपी की अगुवाई में बुलडोजर ने तीन घंटे तक अतिक्रमण हटाए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर फिर से वही जगह अतिक्रमण की गई, तो बुलडोजर वापस आएंगे और जुर्माना बढ़ेगा।
सितामढ़ी में भी सड़कों को साफ करने का बड़ा प्रयास किया गया। यहां नगर निगम और ट्रैफिक विभाग ने मिलकर अवैध निर्माणों को हटाया। बेवजह अतिक्रमण करने वालों से 9,500 रुपये तक का जुर्माना वसूला गया।
बिहार में यह अभियान यह बताता है कि प्रशासन ट्रैफिक को सुचारु करना चाहता है और सार्वजनिक स्थानों की रक्षा करना चाहता है। हालांकि, यह अभियान उन लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है जो सड़क किनारे की दुकानों पर निर्भर हैं। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण अब सहन नहीं किया जाएगा।
Summary:
- बिहार में नए सरकार के गठन के बाद अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ।
- समस्तीपुर में पहले दिन अतिक्रमण हटाए गए, जिससे लोगों में तनाव बढ़ा।
- लखीसराई में भी बुलडोजर ने कई अवैध निर्माणों को तोड़ा।
- सितामढ़ी में 9,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।






