क्या जानकारी है:
इस लेख में बिहार में दीवाली के बाद वायु गुणवत्ता की गंभीर स्थिति की जानकारी दी गई है।
पटना समेत बिहार के कई शहरों में दीवाली के बाद धुंध और धुएं का घना बादल छा गया है। यह स्थिति रात भर पटाखों के जलाने के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई है।
पत्ना, गया, भागलपुर और दरभंगा जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 150 से 300 के बीच दर्ज किया गया है, जिसे “मध्यम से खराब” के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह लोगों के लिए खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर जाने से बचें, खासकर सुबह की सैर से। मौसम में ठंडक और हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक हवा में फंसे हुए हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार में तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है, जो कि स्थिति को और खराब कर रहा है। अगले कुछ दिनों में, बारिश होने की उम्मीद है, जिससे धूल और धुएं को साफ करने में मदद मिलेगी।
शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल न करें और खुले में कचरा न जलाएं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एयर प्यूरीफायर और घर के अंदर पौधों के उपयोग की सिफारिश की है।
सारांश:
- दीवाली के बाद बिहार में वायु गुणवत्ता खराब हुई है।
- AQI स्तर 150 से 300 के बीच पहुंच गया है।
- लोगों को बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
- मौसम में सुधार की उम्मीद है बारिश के साथ।
- स्वास्थ्य सलाह में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने की सिफारिश है।






