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इस लेख में बिहार में नवादा और पवापुरी को जोड़ने वाली नई रेल लाइन के बारे में जानकारी दी गई है। यह परियोजना जैन तीर्थ स्थल के लिए महत्वपूर्ण है और विकास के कई पहलुओं पर असर डालेगी।




पटना में एक नई रेल लिंक की घोषणा हुई है। केंद्र सरकार के रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नवादा और पवापुरी को जोड़ने के लिए परियोजना को मंजूरी दी है। यह पवापुरी जैन धर्म के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।



यह रेल लाइन 25.1 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी लागत लगभग 492.14 करोड़ रुपये है। इसे भारतीय रेलवे के नए लाइनों के तहत मंजूरी दी गई है। इससे नवादा और पवापुरी के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं।



इससे लोगों को यात्रा में आसानी होगी और पवापुरी के अलावा पारसनाथ, नालंदा और राजगीर जैसे स्थानों तक पहुंच आसान होगी। यह रेल लिंक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी और नालंदा विश्वविद्यालय और बोधगया के साथ कनेक्शन को भी मजबूत करेगी।



परियोजना से क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह नवादा को प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ेगी और कादिरगंज की पारंपरिक रेशम उद्योग को बेहतर बाजार पहुंच देगी। निर्माण कार्य से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ेगा।



नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने इस परियोजना का स्वागत किया है। उन्होंने इसे बिहार में रेल क्रांति का हिस्सा बताया है। यह नई रेल लाइन नवादा और नालंदा जिलों के लाखों लोगों को सीधे लाभ पहुंचाएगी।





Summary:

  • नवादा और पवापुरी के बीच नई रेल लाइन का ऐलान हुआ है।

  • रेलगाड़ी से यात्रा आसान और सस्ती होगी।

  • परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

  • स्थानीय उद्योगों को भी फायदा होगा।

  • नवादा के सांसद ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।



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