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बिहार में रक्सौल से काठमांडू के बीच रेल लिंक के विकास पर तेजी से काम चल रहा है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जल्द ही पूरी होने वाली है, जिससे निर्माण कार्य शुरू होगा।




बिहार में रक्सौल से काठमांडू तक रेल लिंक बनाने की योजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) लगभग पूरी होने वाली है, जो निर्माण शुरू करने से पहले का एक महत्वपूर्ण कदम है।


राज्य में कई रेल परियोजनाओं पर काम तेज हो गया है। हाल ही में, अधिकारियों ने बताया कि रक्सौल–काठमांडू कॉरिडोर के लिए सर्वे इस महीने खत्म होने वाला है, और DPR जनवरी 2026 तक आने की उम्मीद है। यह नई रेल लाइन बिहार के रक्सौल को नेपाल की राजधानी से सीधा जोड़ेगी।


इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा। वर्तमान में रक्सौल से काठमांडू तक का सफर सड़क पर करीब 5 घंटे में होता है, लेकिन रेल द्वारा यह समय घटकर लगभग 3 घंटे हो सकता है। इस लाइन पर 13 स्टेशन बनाने की योजना है।


इस परियोजना की लागत लगभग 25,000 करोड़ रुपये है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि योजना के सुधार के साथ यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। रक्सौल–काठमांडू परियोजना के साथ ही, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन के लिए भी काम शुरू होगा।


इसके बाद, DPR के पूरा होने के बाद ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू होगी। लगभग 80% प्रारंभिक काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। इस लाइन को भविष्य में दिल्ली–नेपाल ट्रेन सेवा से जोड़ने की योजना भी बनाई जा रही है।





Summary:

  • रक्सौल–काठमांडू रेल लिंक का DPR जल्द पूरा होगा।

  • सर्वे इस महीने खत्म होने वाला है, DPR जनवरी 2026 तक आएगा।

  • यात्रा का समय 5 घंटे से घटकर 3 घंटे होने की उम्मीद।

  • परियोजना की लागत लगभग 25,000 करोड़ रुपये है।

  • ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया DPR के बाद शुरू होगी।



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