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बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक स्थिति और उम्मीदवारों की जानकारी दी गई है।




पटना में 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां चल रही हैं। बिहार की राजनीति में मजबूत नेताओं का दबदबा अब भी बना हुआ है, जबकि कई नेता कानूनी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने इस मामले में फिर से चर्चा छेड़ दी है।


1990 के दशक में बिहार की राजनीति में मजबूत नेताओं का मॉडल काफी लोकप्रिय था। अब यह मॉडल चौथी पीढ़ी में प्रवेश कर चुका है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आगामी चुनावों में 47% उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 27% गंभीर अपराधों का सामना कर रहे हैं।


राजनीतिक दल जैसे RJD, JD(U), और BJP ने इन मजबूत नेताओं के परिवारों को टिकट दिया है। RJD ने नौ, JD(U) ने सात और BJP ने चार टिकट दिए हैं। यह दर्शाता है कि परिवार की विरासत कई बार कानूनी मुद्दों से अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।


कई क्षेत्रों में, जेल में बंद नेताओं के बच्चे और पत्नी चुनावी मैदान में हैं। जैसे कि मुन्ना शुकला की बेटी शिवानी, जिन्होंने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का लाभ उठाते हुए चुनाव लड़ने का फैसला किया है।


बिहार की राजनीति में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोग किस प्रकार के नेताओं को चुनते हैं। क्या वे परिवारों के राजनीतिक वर्चस्व को बनाए रखेंगे या विकास पर ध्यान देने वाले नेताओं का समर्थन करेंगे। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।





Summary:

  • बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।

  • अनेक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं।

  • राजनीतिक दलों ने परिवारों को टिकट दिया है।

  • कई जेल में बंद नेताओं के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं।

  • वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।



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