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बिहार विधानसभा चुनावों में हालात काफी गर्म हैं। कई नेता बागी हो गए हैं और पार्टियों में असंतोष बढ़ रहा है।




पटना में, 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हुई। इस दौरान राजनीतिक असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। कई बागी उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों से सामने आ रहे हैं, जो गठबंधनों को चुनौती दे रहे हैं।



भाजपा और जद (यू), जो NDA का हिस्सा हैं, दोनों में अंदरूनी मतभेद बढ़ रहे हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस के भी कई नेता नाराज हैं। वामपंथी दलों ने भी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर असंतोष जताया है।



जद (यू) ने NDA की सीट बंटवारे के तहत 101 सीटें हासिल की थीं, लेकिन कई नेताओं ने उम्मीदवारों की सूची से बाहर रहने के कारण इस्तीफा दे दिया है। इनमें पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह और शैलेश कुमार शामिल हैं।



भाजपा में भी बागी नेता सामने आ रहे हैं। 17 मौजूदा विधायकों को टिकट न मिलने के बाद पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कई नेता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का विचार कर रहे हैं।



आरजेडी और कांग्रेस में भी असंतोष की स्थिति है। कई नेताओं ने टिकट न मिलने पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस ने हाल में अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज किया गया है।





Summary:

  • बिहार विधानसभा चुनावों में असंतोष बढ़ रहा है।

  • जद (यू) और भाजपा दोनों में बागी नेता सामने आए हैं।

  • आरजेडी और कांग्रेस के कई नेता भी नाराज हैं।

  • कई नेता स्वतंत्र चुनाव लड़ने का विचार कर रहे हैं।

  • कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है।



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