What’s inside:
This article informs about the approval of the long-awaited Sitamarhi–Jaynagar–Nirmali rail project in Bihar.
पटना से एक बड़ी खबर आई है। बिहार के ऊर्जा मंत्री और सुपौल के विधायक बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि लंबित Sitamarhi–Jaynagar–Nirmali रेलवे परियोजना को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। यह खबर बुधवार को आई।
यादव ने इसे मिथिला के लिए एक “महान उपहार” बताया। रेलवे मंत्रालय ने 188 किलोमीटर लंबे इस रेलवे लाइन को हरी झंडी दे दी है, जो तिरहुत और कोसी क्षेत्र को जोड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी धन्यवाद किया।
यह लाइन पहली बार 2007 में घोषित हुई थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण और बजट की कमी के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। अब इस परियोजना से Sitamarhi, मधुबनी और सुपौल जिलों में यात्रा करना आसान हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि निर्माण जल्द ही शुरू होगा और भूमि अधिग्रहण को प्राथमिकता दी जाएगी। पूरा होने पर, यह मार्ग तिरहुत और कोसी के बीच एक वैकल्पिक लिंक प्रदान करेगा, जिससे बाढ़-प्रवण क्षेत्र में संपर्क बेहतर होगा।
स्थानीय निवासियों ने पहले रेलवे बजट में फंडिंग की कमी की शिकायत की थी, लेकिन अब केंद्र सरकार के नए प्रयासों से परियोजना आगे बढ़ने की उम्मीद है। इस रेल लाइन से न केवल यात्रा में सुविधा होगी, बल्कि विकास में भी मदद मिलेगी।
Summary:
- Sitamarhi–Jaynagar–Nirmali रेलवे परियोजना को मंजूरी मिली।
- यह परियोजना तिरहुत और कोसी क्षेत्र को जोड़ेगी।
- स्थानीय यात्रा में सुविधा मिलेगी।
- निर्माण जल्द शुरू होगा।
- केंद्र सरकार के प्रयासों से परियोजना में तेजी आएगी।






