क्या है इस खबर में:

यह खबर भिक्षनाथोरी गांव की स्थिति के बारे में है, जहां लोग कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।




भिक्षनाथोरी एक छोटा सा गांव है, जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है। यह गांव वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास है और यहां के 179 परिवार वर्षों से विकास की राह देखने को तरस रहे हैं।


गांव में ना तो बिजली है और ना ही अच्छे सड़कें। यहां के लोग अपनी ज़रूरतों के लिए नजदीकी नदी से पानी लाते हैं, क्योंकि पानी की पाइपलाइन भी ठीक से काम नहीं करती।


गांव में चार दावेदार हैं जो इस ज़मीन के मालिकाना हक का दावा करते हैं। वन विभाग, रेलवे और रामनगर की रॉयल फैमिली सभी इसे अपनी बताती है, जबकि गांव वाले कहते हैं कि यह जमीन उनकी है।


गांव में एक स्कूल है, लेकिन उसकी छत नहीं है, जिससे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते। यहां की सड़कें इतनी खराब हैं कि गांव तक पहुंचने में बहुत मुश्किल होती है।


गांव वाले अधिकारियों से बार-बार मदद मांग चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।





संक्षेप में:

  • भिक्षनाथोरी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।

  • गांव में बिजली और अच्छी सड़कें नहीं हैं।

  • विभिन्न संस्थाएं जमीन के लिए आपस में लड़ रही हैं।

  • गांव में स्कूल अधर में है और पानी की व्यवस्था भी खराब है।

  • गांव वाले चुनावों का बहिष्कार करने की चेतावनी दे रहे हैं।



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