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इस लेख में कृषि विज्ञान केंद्र, सावर में फसल विविधता और मिश्रित खेती पर जोर देने वाली बैठक के बारे में जानकारी दी गई है।




सावर में, कृषि विज्ञान केंद्र, बिहार कृषि विश्वविद्यालय की 22वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई। इस बैठक में फसल विविधता, मिश्रित खेती और किसान केंद्रित नवाचारों पर चर्चा की गई।


बैठक की शुरुआत उपकुलपति और अतिथियों द्वारा दीप जलाने से हुई। वरिष्ठ वैज्ञानिक और केंद्र की प्रमुख अनिता कुमारी ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और पिछली निर्णयों की जानकारी दी।


उपकुलपति ने एकल फसल खेती को छोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को मिश्रित खेती और इंटरक्रॉपिंग को अपनाना चाहिए, क्योंकि इससे उन्हें पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक लाभ होगा।


जिला कृषि अधिकारी ने मोटे अनाज की खेती बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि भागलपुर के कई किसान इसके लाभों से अंजान हैं। किसान प्रतिनिधि नीरज कुमार ने उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की मांग की।


बैठक में कई पहलों की समीक्षा की गई, जैसे नए फूलों की प्रजातियों का प्रदर्शन और प्राकृतिक खेती के तरीके। डॉ. आर.के. सोहाने ने बैठक का समापन करते हुए कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।





Summary:

  • सावर में कृषि विज्ञान केंद्र की बैठक हुई।

  • फसल विविधता और मिश्रित खेती पर चर्चा की गई।

  • उपकुलपति ने एकल फसल खेती को छोड़ने के लिए कहा।

  • किसानों के लिए नई पहल और कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।

  • सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।



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