What’s inside:
This article provides an update on the Sasaram rail flyover project, its current status, and its impact on train operations in the area.
सासाराम में रेल फ्लाईओवर प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट का 80% से अधिक काम हो चुका है, जिसमें ट्रैक बिछाने और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शामिल है। अब बस सासाराम जंक्शन और आरा लाइन से नए रेल लाइन को जोड़ने का काम बाकी है।
इस प्रोजेक्ट में एक बड़ी रुकावट रेलवे स्टेडियम के पास का रैक पॉइंट था, जिसने RFO लाइन के कनेक्शन में बाधा डाली थी। इसे हल करने के लिए, स्टेडियम के उत्तर दिशा में 15 मीटर चौड़ाई कम करने का काम शुरू किया गया है ताकि रैक पॉइंट को आगे दक्षिण की तरफ शिफ्ट किया जा सके। इसके बाद, लाइन को सासाराम जंक्शन से जोड़ा जाएगा।
यह परियोजना क्षेत्र में ट्रेन संचालन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में, सासाराम से आरा जाने वाली ट्रेनों की वजह से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर मालगाड़ियों की आवाजाही में बाधा आती है। फ्लाईओवर चालू होने के बाद, मालगाड़ियाँ बिना किसी रुकावट के चलेंगी और यात्री ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुचारू होगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेडियम के उत्तर दिशा में 20 फीट ऊँची दीवार का निर्माण किया जा रहा है। यह वाहनों और ट्रेनों के चलते धूल को अंदर उड़ने से रोकने के लिए किया जा रहा है। इससे स्टेडियम सुरक्षित और साफ रहेगा और सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा।
सासाराम जंक्शन पर अमृत भारत योजना के तहत विकास कार्य भी चल रहा है। स्टेशन बिल्डिंग के पास एक नई शेड का निर्माण होना था, लेकिन 100 फीट ऊँचे झंडे के खंभे के कारण काम रोक दिया गया है। अधिकारियों ने झंडे के खंभे को स्थानांतरित करने के लिए नींव तैयार कर ली है और विद्युत विभाग का इंतजार कर रहे हैं ताकि शेड का निर्माण फिर से शुरू हो सके।
Summary:
- सासाराम रेल फ्लाईओवर प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो चुका है।
- रैक पॉइंट की समस्या का समाधान किया जा रहा है।
- फ्लाईओवर चालू होने से ट्रेनों का संचालन सुगम होगा।
- स्टेडियम में धूल को रोकने के लिए दीवार का निर्माण हो रहा है।
- अमृत भारत योजना के तहत विकास कार्य जारी है।






