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इस लेख में रेलवे निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अभियंता को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई है।
हाजीपुर में रेलवे निर्माण विभाग के उप मुख्य अभियंता आलोक कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उन पर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। यह कार्रवाई हाजीपुर जंक्शन पर शनिवार को की गई थी, और यह लगभग 12 घंटे तक चली।
सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आलोक कुमार के कार्यालय में एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकद पैसों का एक बड़ा बंडल मिला। पैसे की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि गिनने के लिए मशीन लानी पड़ी। इस छापे में 12 सीबीआई अधिकारी शामिल थे।
इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें आलोक कुमार, उनके क्लर्क आलोक दास, क्लास IV कर्मचारी माणिक दास, और एक निजी ठेकेदार से जुड़े दो कर्मचारी शामिल हैं। तलाशी के दौरान कई फाइलें और दस्तावेज भी जब्त किए गए।
जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि ठेकेदार गोविंद भुल्लर के लिए हाजीपुर में रिश्वत का पैसा लाया जा रहा था। सुरज प्रसाद ने दो जगहों से 50 लाख और 42 लाख रुपये इकट्ठा किए। जांच के बाद सीबीआई ने छापेमारी की।
सीबीआई ने आलोक कुमार, ठेकेदार गोविंद भुल्लर, सुरज प्रसाद और राजा नाम के एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि वे गलत बिल उठाने, माप रिकॉर्ड में हेरफेर करने और घटिया निर्माण सामग्री की अनदेखी करने में शामिल थे। आलोक कुमार पिछले दो साल से हाजीपुर में कार्यरत थे और हाजीपुर-सुगौली रेलवे लाइन का निर्माण कार्य देख रहे थे।
Summary:
- रेलवे के उप मुख्य अभियंता आलोक कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
- छापेमारी में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद बरामद हुआ।
- पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें ठेकेदार भी शामिल हैं।
- गलत बिल और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।
- आलोक कुमार पिछले दो साल से हाजीपुर में काम कर रहे थे।






