मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब बिहार के घरों तक पहुँच गया है। भागलपुर के सन्हौला प्रखंड के रहने वाले मरीन इंजीनियर Devenandan की ईरान के एक हमले में मौत हो गई है। यह हमला ईराक के समुद्री क्षेत्र में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हुआ था, जिस पर Devenandan अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। अब परिवार में शोक की लहर है और शव को वापस लाने की गुहार लगाई जा रही है।
कैसे और कहाँ हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह घटना 11 मार्च 2026 की है जब अमेरिकी कंपनी का तेल टैंकर Safe Sea Vishnu ईराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास खड़ा था। जानकारी के मुताबिक, ईरान की IRGC ने एक विस्फोटक नाव या ड्रोन के जरिए इस जहाज को निशाना बनाया। हमले के वक्त जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे। इस विस्फोट के बाद जहाज में आग लग गई जिसमें भागलपुर के इंजीनियर की जान चली गई।
मृतक के परिवार और बचाव कार्य की जानकारी
Devenandan के परिवार ने बताया कि उनकी आखिरी बार बात फोन पर हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह समुद्र में हैं और ड्यूटी पर हैं। हमले के बाद भारतीय दूतावास ने मौत की पुष्टि की है और बाकी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतक का नाम | Devenandan (सन्हौला, भागलपुर) |
| जहाज का नाम | Safe Sea Vishnu (U.S. Owned) |
| बचाए गए लोग | 15 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं |
| हमले की तारीख | 11 मार्च 2026 |
| अंतिम शब्द | मैं समुद्र में हूं, ड्यूटी पर हूं |
विदेश मंत्रालय और दूतावास का क्या कहना है?
बगदाद में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। दूतावास के अधिकारी शव को वापस बिहार भेजने के लिए इराक सरकार और शिपिंग कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस हमले के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है। MEA ने कहा है कि वह बाकी बचे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।






