गाजियाबाद पुलिस ने समीर शूटर नाम के एक शख्स को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि समीर शूटर ने देश की सुरक्षा से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारी ISI एजेंटों को भेजी थी. उसके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र के चंपानगर निवासी इम्तियाज के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जिसके बाद से इस मामले में भागलपुर का नाम भी जुड़ गया है. अब NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
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कौन है समीर शूटर और क्या है उसका अपराध?
समीर शूटर, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और दिल्ली के चांदनी चौक में एक होटल में काम करता था, पाकिस्तान के ISI एजेंटों के लिए जासूसी कर रहा था. उसने सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और धार्मिक स्थलों की तस्वीरें, वीडियो और जीपीएस लोकेशन पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर ‘सरफराज उर्फ सरदार’ को भेजे थे. समीर ने ढाबों पर काम करते हुए रेकी की और सोशल मीडिया पर अलग-अलग एंगल से फोटो और वीडियो बनाए. उसे तकनीकी रूप से ट्रेनिंग दी गई थी कि कैसे जानकारी को सुरक्षित रखा जाए और भेजा जाए.
इस नेटवर्क में 150 से ज्यादा सदस्य होने की बात सामने आई है. नौशाद, सुहैल उर्फ रोमियो और मीरा जैसे अन्य सहयोगी भी इस गिरोह में शामिल थे. मीरा कथित तौर पर पिस्टल तस्करी में भी शामिल थी. जांच में पता चला कि ये लोग हिंदू नाम और वेशभूषा का इस्तेमाल करके जासूसी करते थे. ‘लव जिहाद’ का एंगल भी जांचा जा रहा है. इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 152 (देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालना), धारा 61 का भाग दो (आपराधिक साजिश), और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा, अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) 1967 की धारा 18 भी जोड़ी गई है.
भागलपुर और देश के लिए क्यों है यह गंभीर?
समीर शूटर का मोबाइल फोन उसके चाचा इम्तियाज के पास से भागलपुर के नाथनगर से बरामद किया गया था. इस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में ही संवेदनशील डेटा भेजने का खुलासा हुआ है. मोबाइल डेटा से पता चला है कि समीर शूटर और उसके सहयोगी नौशाद ने बिहार के भागलपुर और झारखंड के देवघर में भी रेकी की थी, जिसमें प्रसिद्ध बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की भी निगरानी की गई थी. यह जानकारी भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय है.
जांच एजेंसियों ने समीर शूटर के कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों से भी संबंध होने का खुलासा किया है. सुहैल, नौशाद और समीर को जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में भी रेकी के लिए जाना था. भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने इस मामले को देश की सुरक्षा के लिहाज से बहुत गंभीर बताया है और कहा है कि स्थानीय पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट के बाद पूरी तरह से सतर्क है. यह मामला देश की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी बड़ी चुनौती पेश कर रहा है.






