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यह लेख भागलपुर के जीरो माइल के स्थानांतरण और इसके प्रभावों की जानकारी देता है।




भागलपुर में जीरो माइल, जो सड़क की दूरी मापने का एक प्रमुख बिंदु है, अब चौधरीदिह में स्थानांतरित किया जा रहा है। यह स्थान वर्तमान स्थल से 4.7 किलोमीटर दूर है।


इस परिवर्तन के बाद, पटना पहुँचने का सफर पांच किलोमीटर कम हो जाएगा। अब पटना की दूरी 251 किलोमीटर से घटकर 246 किलोमीटर हो जाएगी। वहीं, पूर्णिया की दूरी बढ़कर 87 किलोमीटर हो जाएगी।


नागगाछिया और काहलगाँव की दूरी में भी थोड़ी बढ़ोतरी होगी। जबकि बांका और गोड्डा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह बदलाव भागलपुर के बाइपास को राष्ट्रीय राजमार्ग प्रणाली में शामिल करेगा।


इस परियोजना में 22 मीटर चौड़ी चार लेन की सड़क का निर्माण होगा, जो नागगाछिया से चौधरीदिह तक जाएगी। यह निर्माण दो चरणों में किया जाएगा और इससे कई यात्रियों का सफर आसान होगा।


जैसे ही ग्रीनफील्ड फोरलेन का निर्माण पूरा होगा, पुरानी सराय से चौधरीदिह तक का बाइपास NH-80 के रूप में फिर से नामित किया जाएगा। इससे यात्रा के रास्ते में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।





Summary:

  • भागलपुर का जीरो माइल चौधरीदिह स्थानांतरित हो रहा है।

  • पटना की दूरी 246 किलोमीटर होगी, पूर्णिया की बढ़कर 87 किलोमीटर।

  • नागगाछिया और काहलगाँव की दूरी में थोड़ी बढ़ोतरी होगी।

  • 22 मीटर चौड़ी चार लेन की सड़क का निर्माण दो चरणों में होगा।

  • बाइपास को NH-80 के रूप में फिर से नामित किया जाएगा।



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