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बिहार सरकार ने मुंगेर जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसमें भूमि अधिग्रहण और खाद्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना शामिल है।
पटना में, बिहार सरकार ने मुंगेर जिले के लिए उद्योगों को बढ़ावा देने का एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 466 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई। इसके लिए लगभग 125 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
इस योजना के तहत, विभिन्न क्षेत्रों से भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसमें असर्गंज में 24.99 एकड़, धुरिया आराजी में 81.18 एकड़, बेरैन में 190.09 एकड़, खरभटुआ में 6.01 एकड़, जोरी में 18.66 एकड़ और बदरखा में 30.39 एकड़ भूमि शामिल है। कुल मिलाकर, यह 466.49 एकड़ होती है।
इस विस्तार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अधिक स्थान बनाना है, जिससे मुंगेर में निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर मिल सकें। इसके अलावा, सरकार ने बिहार में एक नया खाद्य भंडारण और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
यह केंद्र खाद्य आपूर्ति विभाग में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगा। उन्हें खाद्य भंडारण, वितरण और सरकारी योजनाओं का प्रबंधन करने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा। केंद्र के संचालन के लिए राज्य ने हर साल 4.65 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
इन दोनों निर्णयों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य मुंगेर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और खाद्य आपूर्ति योजनाओं को बेहतर करना है। इससे लोगों को समय पर आवश्यक वस्तुएं मिल सकेंगी और राज्य में आर्थिक प्रगति होगी।
Summary:
- मुंगेर में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 466 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
- इस योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
- नए खाद्य भंडारण और प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।
- हर साल 4.65 करोड़ रुपये इस केंद्र के लिए स्वीकृत होंगे।
- सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास और खाद्य आपूर्ति में सुधार करना है।






