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पटना में गंगा पर जल मेट्रो सेवा शुरू होने जा रही है, जो यात्रियों और पर्यटकों के लिए नई परिवहन व्यवस्था प्रदान करेगी।
पटना में गंगा पर जल मेट्रो सेवा शुरू होने की तैयारी चल रही है। पहले इलेक्ट्रिक जहाज का आगमन कोलकाता से 16 सितंबर तक होने की उम्मीद है, जो बिहार विधानसभा चुनावों से कुछ हफ्ते पहले है।
यह सेवा यात्रियों और पर्यटकों के लिए एक आधुनिक और टिकाऊ परिवहन विकल्प प्रदान करेगी। यह शहर के बढ़ते सड़क, पुलों और जल्द आने वाली पटना मेट्रो रेल के नेटवर्क को भी बढ़ाएगी।
पहला जहाज, जो कोच्चि शिपयार्ड द्वारा बनाया गया है, 50 यात्रियों के लिए वातानुकूलित केबिन में होगा और यह पूरी तरह से बिजली से चलेगा। इस महीने के अंत तक एक और ऐसा ही जहाज भी आएगा।
इस योजना का पहला चरण 1,200 करोड़ रुपये में होगा, जो दिगा और कंगन घाट के बीच चलेगा। इसमें गांधी घाट, गाईघाट और एनआईटी पटना पर रुकने के स्थान होंगे।
अगर यह सेवा सफल होती है, तो इसे और बढ़ाया जा सकता है। इससे 100 सीटों वाले बड़े जहाजों और नई रूटों का विस्तार हो सकता है। यह योजना पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
Summary:
- पटना में जल मेट्रो सेवा की शुरुआत होने जा रही है।
- पहला इलेक्ट्रिक जहाज 16 सितंबर तक आएगा।
- यह सेवा 1,200 करोड़ रुपये की योजना का हिस्सा है।
- यात्री दिगा और कंगन घाट के बीच सफर कर सकेंगे।
- अगर सफल रहा, तो सेवा का विस्तार होगा।






