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इस लेख में बिहार में शराब के अवैध व्यापार का हाल और हालिया छापेमारी की जानकारी दी गई है।
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही, शराब का अवैध व्यापार फिर से बढ़ने लगा है। राज्य में 2016 से शराब पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन हालात बदल रहे हैं। हाल ही में वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी शराब की खेप पकड़ी गई।
गुरुवार की शाम, 16 पार्सल जो पटना के लिए भेजे जा रहे थे, उनमें 288 बोतल हरियाणा के रॉयल स्टैग व्हिस्की की मिली। रेलवे के कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने सुरक्षा बलों को बुलाया। इस मामले में कृष्णा गुप्ता नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला अवैध शराब के व्यापारियों की चतुराई और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शराब के पार्सल मशीन से स्कैन करते समय नहीं पकड़े गए, जिससे सुरक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि चुनावों के दौरान शराब की बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश से अवैध तस्करी के नेटवर्क को बढ़ावा दिया है। बिहार में रॉयल स्टैग की बोतलें जो UP में 700 रुपये में बिकती हैं, वहाँ लगभग 2000 रुपये में बिक रही हैं।
हाल ही में वाराणसी में हुई इस छापेमारी के अलावा, पुलिस ने पहले भी बलिया, गाज़ीपुर और चंदौली में ऐसी ही कार्रवाइयाँ की हैं। चुनावों के नजदीक, अधिकारियों को आशंका है कि शराब की तस्करी और बढ़ सकती है।
Summary:
- बिहार में शराब का अवैध व्यापार फिर से बढ़ रहा है।
- वाराणसी में रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी शराब की खेप पकड़ी गई।
- अधिकारियों ने सुरक्षा की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
- पुलिस का मानना है कि चुनावों के दौरान शराब की मांग बढ़ी है।
- आने वाले समय में शराब की तस्करी और बढ़ने की संभावना है।






