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पटना में स्वच्छता के लिए एक नया कार्यक्रम शुरू हुआ है, जिसका नाम “स्वच्छ टॉक” है। यह स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए है।




पटना में, नगर निगम ने “स्वच्छ टॉक” नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए है और इसका उद्देश्य स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारी को मजबूत करना है।


यह पहल NIT घाट से शुरू हुई है और इसे पूरे 75 वार्डों में लागू किया जाएगा। इसमें सार्वजनिक स्थानों की सफाई और सुंदरता पर ध्यान दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वच्छता विशेषज्ञों को अपने विचार साझा करने का मौका मिलेगा।


यह अभियान “स्वच्छता ही सेवा” के नारे के तहत 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें जागरूकता कार्यक्रम, बड़े पैमाने पर सफाई अभियान, वृक्षारोपण और रंगोली जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे।


गुरुवार को, रेलवे स्टेशन के बाहर, महावीर मंदिर, अशियाना मार्केट, गांधी घाट और कई अन्य स्थानों पर गतिविधियाँ आयोजित की गईं। स्थानीय निवासियों ने मिलकर पटना को भारत के सबसे साफ शहरों में से एक बनाने की शपथ ली।


नगर निगम के अधिकारी, ब्रांड एंबेसडर और वार्ड पार्षद इस पहल में शामिल हुए। उन्होंने नागरिकों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया, ताकि सफाई के परिणामों को स्थायी बनाया जा सके।





Summary:

  • पटना में “स्वच्छ टॉक” कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

  • यह कार्यक्रम स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की तैयारी के लिए है।

  • शहर के 75 वार्डों में सफाई और सुंदरता पर ध्यान दिया जाएगा।

  • अभियान “स्वच्छता ही सेवा” के तहत 2 अक्टूबर तक चलेगा।

  • स्थानीय निवासियों ने पटना को साफ रखने की शपथ ली।



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