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इस लेख में बिहार सरकार द्वारा दुर्गा पूजा के लिए कड़े कानून और व्यवस्था के उपायों की जानकारी दी गई है।




पटना में बिहार सरकार ने दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। इसमें मूर्तियों की स्थापना के लिए लाइसेंस लेना, सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाना, और पुलिस बल की भारी तैनाती शामिल है।


मुख्य सचिव प्रात्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें सुरक्षित और शांतिपूर्ण त्योहारों के लिए योजना बनाई गई। इस बैठक में जिले के मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, और अन्य अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।


इस साल आयोजकों को मूर्तियां स्थापित करने से पहले लाइसेंस प्राप्त करना होगा। सभी पूजा पंडालों में पुलिस की तैनाती होगी, और डीजे की आवाज़ को नियंत्रित किया जाएगा ताकि किसी भी विवाद से बचा जा सके।


राज्य में पिछले साल लगभग 16,000 मूर्तियां स्थापित की गई थीं। इस बार मूर्ति विसर्जन के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी, और लाइसेंस प्राप्त समूहों को व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी।


हर जिले में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें युवा सदस्यों को शामिल किया जाएगा। सीमावर्ती जिलों को अतिरिक्त सतर्क रहने के लिए कहा गया है। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों के बीच समन्वय और संवेदनशीलता पर जोर दिया है।





Summary:

  • बिहार सरकार ने दुर्गा पूजा के लिए कड़े कानून-व्यवस्था उपाय लागू किए हैं।

  • मूर्तियों की स्थापना के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

  • पंडालों में पुलिस की तैनाती और डीजे आवाज़ पर नियंत्रण रहेगा।

  • मूर्ति विसर्जन के समय वीडियोग्राफी करना जरूरी होगा।

  • हर जिले में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी।



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