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इस लेख में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल और यादव परिवार में चल रहे मतभेदों की जानकारी दी गई है।
पटना में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ‘बिहार अधिकार यात्रा’ पर हैं, लेकिन उनके परिवार में कुछ मतभेद भी सामने आ रहे हैं।
रविवार को, रोहिणी आचार्य, लालू प्रसाद यादव की बेटी, ने सोशल मीडिया पर अपनी असंतोष की भावना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे किसी राजनीतिक पद की इच्छा नहीं रखतीं और उनका आत्म-सम्मान उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
रोहिणी ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वे अस्पताल के स्ट्रेचर पर हैं। यह वीडियो उनके परिवार के लिए किए गए बलिदानों को दर्शाता है, जैसे कि उन्होंने अपने पिता को किडनी दान की थी।
बिहार अधिकार यात्रा के दौरान, तेजस्वी के करीबी साथी संजय यादव ने प्रचार बस के आगे की सीट पर बैठकर विवाद को बढ़ा दिया। रोहिणी ने इस पर अपनी असहमति जताई, लेकिन संजय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अब सवाल यह है कि क्या रोहिणी आचार्य आरजेडी में बनी रहेंगी या अपने भाई के नक्शेकदम पर चलेंगी। तेजस्वी को अपने परिवार के तनावों और चुनावी मांगों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना होगा।
Summary:
- बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
- रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया है।
- उन्होंने अपने पिता को किडनी दान की थी और इसकी चर्चा की है।
- संजय यादव ने विवाद में शामिल होकर रोहिणी की असहमति को बढ़ाया।
- तेजस्वी को परिवारिक तनाव और चुनावी चुनौतियों का सामना करना होगा।






