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यह खबर बिहार में दो नाबालिग बहनों के गायब होने और उनके मानव तस्करी के मामले में सुरक्षित वापसी के बारे में है।
समस्तीपुर, बिहार से दो नाबालिग बहनें पिछले हफ्ते गायब हो गईं। ये लड़कियाँ 13 सितंबर को स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं लेकिन लौटकर नहीं आईं। उनके अचानक गायब होने से परिवार और स्थानीय समुदाय में चिंता और डर का माहौल बन गया।
पुलिस ने जांच की तो पता चला कि एक युवक ने सोशल मीडिया एप स्नैपचैट के जरिए बहनों से दोस्ती की थी। आरोपी ने लड़कियों को गुजरात ले जाने की योजना बनाई थी। चार दिन बाद, उनकी माँ ने शिवाजीनगर पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जिससे एक विस्तृत जांच शुरू हुई।
गुजरात पुलिस के साथ मिलकर, अधिकारियों ने बहनों को दादरा और नगर हवेली के सिलवाड़ा में ढूंढ निकाला, जो उनके घर से 1,800 किलोमीटर से अधिक दूर था। दोनों लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया गया और उनके परिवार के पास वापस भेज दिया गया।
पुलिस ने मुख्य संदिग्ध, बादल कुमार, को गिरफ्तार किया है, जो भागलपुर जिले के महेशपुर का निवासी है। जांच से पता चला है कि वह एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जो खासकर बिहार के छात्रों को निशाना बनाता है। दोनों लड़कियाँ सुरक्षित हैं और पुलिस अन्य गैंग सदस्यों की तलाश जारी रखी है।
रोसेरा के एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मानव तस्करी बिहार में बढ़ती हुई समस्या है। ऐसे अपराधों को रोकना कानून प्रवर्तन के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। पुलिस इस मामले में लगातार आगे बढ़ रही है।
Summary:
- दो नाबालिग बहनें समस्तीपुर से गायब हुईं।
- पुलिस ने मानव तस्करी के मामले में जांच शुरू की।
- गुजरात में लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
- मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
- मानव तस्करी बिहार में बढ़ती समस्या बन रही है।






