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बिहार सरकार ने गंगा के किनारे तीन बड़े सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो 17,000 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होंगी।
पटना में, बिहार सरकार ने गंगा के किनारे तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 17,000 करोड़ रुपये है और यह 119 किलोमीटर तक फैली होंगी। इसका उद्देश्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
सड़क और निर्माण मंत्री नितिन नबीन ने बताया कि ये परियोजनाएँ हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत लागू की जाएंगी। इससे राज्य सरकार लागत का 40% और निजी डेवलपर्स 60% खर्च उठाएंगे। यह बिहार में बड़े पैमाने पर सड़क विकास के लिए पहली बार है।
निर्माण के लिए स्वीकृत तीन सड़कें हैं: दीघा-शेरपुर-बिहटा-कोइलवार, मुंगेर-सुलतानगंज और सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर। दीघा-शेरपुर-बिहटा-कोइलवार परियोजना की लागत लगभग 6,495.79 करोड़ रुपये है।
नबीन ने कहा कि ये सड़कें तेज और आधुनिक परिवहन लिंक बनाएंगी, जिससे बिहटा, कोइलवार, मुंगेर और भागलपुर जैसे शहर आपस में जुड़ जाएंगे। इससे निजी निवेश भी बढ़ेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
सभी तीन परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण के लिए ज़मीन भी तैयार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 4 अक्टूबर को इनमें से एक परियोजना का शिलान्यास करेंगे, जिससे गंगा पथ पहल का अगला चरण शुरू होगा।
Summary:
- बिहार में गंगा किनारे तीन सड़क परियोजनाएं शुरू होंगी।
- इन परियोजनाओं की लागत 17,000 करोड़ रुपये है।
- परियोजनाएं हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत होंगी।
- इनसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार होगा।
- मुख्यमंत्री 4 अक्टूबर को इनका शिलान्यास करेंगे।






