भागलपुर में रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जमावड़ा
भागलपुर की प्राचीन धरती पर इस बार कुछ खास हो रहा है। शहर में आयोजित होने वाले सिल्क सिटी महोत्सव ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को खुशी दी है बल्कि देशभर के पर्यटकों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। यह महोत्सव भागलपुर की समृद्ध रेशम परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का एक शानदार मंच साबित हो रहा है।
रेशम उत्पादन से जुड़ी अनूठी परंपराओं का प्रदर्शन
इस महोत्सव में भागलपुर के प्रसिद्ध तसर सिल्क की पूरी कहानी दिखाई जा रही है। कोकून से लेकर खूबसूरत साड़ी बनने तक का सफर देखकर पर्यटक हैरान रह जाते हैं। स्थानीय कारीगरों ने अपनी पारंपरिक तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया है, जिससे युवाओं को भी इस कला के बारे में जानने का मौका मिल रहा है।
मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम:
• रेशम की बुनाई का लाइव प्रदर्शन
• पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत
• स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी
• हस्तकला मेला और शिल्प प्रतियोगिता
• फोटोग्राफी प्रतियोगिता ‘मेरा भागलपुर’
स्थानीय व्यापार को मिल रहा बड़ा फायदा
महोत्सव की वजह से शहर में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। होटल, रेस्टोरेंट, और स्थानीय दुकानदारों का कारोबार दोगुना हो गया है। विशेषकर सिल्क की दुकानों में भारी भीड़ देखी जा रही है। पर्यटक यहां की प्रसिद्ध तसर सिल्क साड़ियां और स्टोल खरीदने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं।
गंगा घाट पर विशेष सांस्कृतिक संध्या
महोत्सव का सबसे खूबसूरत हिस्सा है गंगा घाट पर आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या। शाम के समय जब दीयों की रोशनी में पूरा घाट जगमगाता है, तो यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक गीत और नृत्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
पर्यावरण के साथ तालमेल
इस महोत्सव की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल तरीके से आयोजित किया गया है। प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था, सोलर लाइटिंग, और स्थानीय सामग्री का उपयोग करके इसे एक आदर्श इको-फ्रेंडली इवेंट बनाया गया है।
भविष्य की योजनाएं
सफलता को देखते हुए प्रशासन ने अगले साल इसे और भी बड़े पैमाने पर आयोजित करने की योजना बनाई है। इससे भागलपुर न सिर्फ एक औद्योगिक शहर बल्कि एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में भी पहचान बनाएगा।
यह महोत्सव साबित करता है कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर और नए तरीकों से पेश करके हम अपने शहर को देश के नक्शे पर एक अलग पहचान दिला सकते हैं। भागलपुर का यह सिल्क सिटी महोत्सव इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।






