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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी की पहली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी हो गई है। चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया 18 जिलों में की है।
पटना में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने 18 जिलों में ईवीएम और वीवीपीएटी की पहली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी की है। यह प्रक्रिया मतदान की पहली चरण की तैयारी के लिए की गई है।
पटना जिले में 5,677 मतदान केंद्रों के लिए यह रैंडमाइजेशन किया गया। हर मतदान केंद्र पर एक बैलट यूनिट, एक कंट्रोल यूनिट और एक वीवीपीएटी होगा। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 20 प्रतिशत बैलट और कंट्रोल यूनिट और 30 प्रतिशत वीवीपीएटी रिजर्व में रखे जाएंगे।
इस प्रक्रिया में ईएमएस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया है, जो मशीनों का उचित और रैंडम आवंटन सुनिश्चित करता है। रैंडमाइजेशन के बाद, ईवीएम और वीवीपीएटी की एक विस्तृत सूची तैयार की गई, जिस पर जिला मजिस्ट्रेट और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हुए हैं।
बिहार चुनाव के पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जिसमें 18 जिले शामिल हैं। दूसरे चरण की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया 13 अक्टूबर को होगी। अधिकारियों ने कहा कि ये कदम राज्य में चुनाव प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं।
जिले में वर्तमान में 12,886 बैलट यूनिट, 7,439 कंट्रोल यूनिट और 8,025 वीवीपीएटी हैं। ये मशीनें चुनावी प्रक्रिया के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अगले चरण में, इन मशीनों का आवंटन तब किया जाएगा जब उम्मीदवारों की सूची अंतिम रूप से तैयार हो जाएगी।
Summary:
- ईवीएम और वीवीपीएटी की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी हुई।
- पटना में 5,677 मतदान केंद्रों के लिए मशीनों का आवंटन किया गया।
- बिहार चुनाव के पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा।
- दूसरे चरण की रैंडमाइजेशन 13 अक्टूबर को होगी।
- मशीनें सुरक्षित स्थान पर रखी जाएंगी जब तक उम्मीदवारों की सूची तैयार नहीं हो जाती।






