What’s inside:
इस लेख में बताया गया है कि कैसे दो राजनीतिक नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने पटना सचिवालय के पास धरना दिया।
पटना में एक नया मामला सामने आया है। यहां JD(U) के विधायक गोपाल मंडल और पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने सचिवालय के पास एक प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना दिया। यह घटना हाल ही में हुई है।
शहर के एसपी ने पुष्टि की है कि एक मजिस्ट्रेट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है और मामले की जांच चल रही है। मंडल ने धरना इसलिए दिया क्योंकि उन्हें डर था कि उनकी पार्टी का टिकट रद्द हो सकता है। यादव ने भी उनके साथ धरना दिया और कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले बिना नहीं जाएंगे।
इस दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे ताकि कोई समस्या न हो। नेताओं को बार-बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जाने से मना कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें VIP क्षेत्र से हटाना पड़ा। मंडल की गिरफ्तारी की खबर भी आई, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे नकार दिया।
यह घटना JD(U) के भीतर बढ़ते असंतोष के बीच हुई है। हाल ही में भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने पार्टी की टिकटों के लिए की गई अनदेखी पर सार्वजनिक रूप से आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने की अनुमति के लिए एक पत्र भी सौंपा।
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि राज्य में चुनावों की तैयारी के साथ ruling party में आंतरिक unrest बढ़ रहा है।
Summary:
- गोपाल मंडल और महेश्वर यादव के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
- दोनों नेताओं ने पटना सचिवालय के पास धरना दिया था।
- मंडल को पार्टी टिकट के रद्द होने का डर था।
- पुलिस ने नेताओं को VIP क्षेत्र से हटाया।
- JD(U) में बढ़ते असंतोष के संकेत मिल रहे हैं।






