क्या है इस खबर में:

बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन की पहली चरण समाप्त हो गई, लेकिन महागठबंधन में असमंजस बना हुआ है।




पटना में बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन की पहली चरण खत्म हो गई है। लेकिन महागठबंधन, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) शामिल हैं, अभी भी असमंजस में है। सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है, जबकि कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है, जो सहयोगियों के साथ टकराव का कारण बन रही है।



पिछले एक हफ्ते से पटना से दिल्ली तक के नेताओं के बीच सीटों को बांटने के लिए बातचीत चल रही थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मलिकार्जुन खड़गे ने असंतुष्ट सहयोगियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। RJD, कांग्रेस और VIP ने अंतिम समय तक पार्टी के प्रतीक बांटने और नामांकन करने का सिलसिला जारी रखा।



VIP के अध्यक्ष मुकेश साहनी ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कांग्रेस के राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि उन्हें उपमुख्यमंत्री बनने का सपना है। साहनी ने अपने भाई संतोष साहनी को नामांकित किया और पार्टी के लिए कुछ अन्य उम्मीदवार भी घोषित किए।



वहीं, RJD ने लालगंज सीट पर शिवानी शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है, जो मुन्‍ना शुक्ला की बेटी हैं। शिवानी ने पहले RJD नेतृत्व पर भेदभाव का आरोप लगाया था। कांग्रेस ने भी उसी सीट पर अपने उम्मीदवार को उतारा है, जिससे महागठबंधन में और दरार आ गई है।



कांग्रेस के सांसद ताहिर अनवर ने पार्टी के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने 48 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से प्रत्याशियों को शामिल किया गया है। अब देखना यह है कि महागठबंधन इस असमंजस से बाहर कैसे निकलता है।





सारांश:

  • बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन की पहली चरण समाप्त हो गई।

  • महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर असमंजस बना हुआ है।

  • VIP के मुकेश साहनी ने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।

  • RJD ने शिवानी शुक्ला को लालगंज सीट पर उम्मीदवार बनाया है।

  • कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 48 उम्मीदवारों का ऐलान किया है।



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