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इस लेख में छठ पूजा के दौरान बिहार में हुई दुखद घटनाओं के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें कई लोगों की जान गई है।




पटना में छठ पूजा का अंतिम दिन उम्मीद और आभार लाने वाला था, लेकिन कई परिवारों के लिए यह दिन दुखदाई बन गया। लाखों भक्त जब सूरज को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर इकट्ठा हुए, तब कई जिलों में हुई दुर्घटनाओं में कम से कम 22 लोगों की जान चली गई।


खगड़िया, नालंदा, पूर्णिया, भागलपुर और पटना के रिपोर्टों ने एक गंभीर स्थिति का चित्रण किया। जहां लोग पूजा की तैयारियों में लगे थे, वहीं कई परिवार मोत और स्वास्थ्य संकट में डूब गए।


पटना के बारह उपनगरीय क्षेत्र में तीन लोग, जिनमें एक महिला भी शामिल थी, अलग-अलग घटनाओं में जान गंवा बैठे। गंगा नदी में दो युवक डूब गए, जब एक गहरे पानी में गिर गया और उसे बचाने के लिए दूसरे कूद पड़े।


खगड़िया में, रसौनक गांव में चार बच्चे एक साथ नदी में स्नान करते समय डूब गए। वहीं, पूर्णिया में दो भाई अर्घ्य के बाद नहाते समय डूब गए। भागलपुर में भी चार बच्चे इसी तरह की घटना का शिकार हुए।


बिहार में जिला प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमों को बचाव कार्य और घटना के बाद की सहायता के लिए तैनात किया गया। अधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त की और भविष्य के त्योहारों में घाटों के आसपास सुरक्षा के उपायों को कड़ा करने की अपील की।





Summary:

  • छठ पूजा के दौरान बिहार में कई दुखद घटनाएँ हुईं।

  • 22 लोगों की जान गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।

  • घटनाएँ खगड़िया, पटना, और भागलपुर में हुईं।

  • बचाव कार्य के लिए प्रशासन और आपदा टीमों को तैनात किया गया।

  • अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की अपील की।



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