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यह लेख बिहार में मौसम की स्थिति, बारिश और किसानों पर इसके प्रभाव के बारे में जानकारी देता है।




पटना में मौसम बिगड़ने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 29 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव के बाद आई है। पिछले कुछ दिनों से राज्यभर में बारिश हो रही है, खासकर गंगा किनारे के इलाकों में। तेज हवाएं और बारिश से ठंडक बढ़ गई है।



मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे सात जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी है, जिसके लिए ओरेज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 22 अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिनमें पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण और भागलपुर शामिल हैं।



इस बारिश के चलते किसानों की स्थिति और भी खराब हो गई है। पिछले तीन दिनों में हुई बारिश ने कटे हुए धान के खेतों को नुकसान पहुँचाया है और रबी फसलों के लिए तैयार की गई ज़मीन में पानी भर गया है। सरसों, आलू और मक्का की बुआई में देरी हो रही है, और अब तक केवल 25% फसलें ही बोई गई हैं।



किसानों ने अपनी परेशानियों को साझा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और कर्ज लगाकर फसलें उगाई हैं, लेकिन इस समय मौसम के कारण उनके फसल बर्बाद होने का खतरा है। यह स्थिति उनके लिए बहुत चिंताजनक है।



आगे की योजना के बारे में, मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलों में सतर्कता बरती जा रही है। लोग और किसान दोनों ही मौसम के हालात को ध्यान में रखते हुए अपने कामों में सावधानी बरत रहे हैं।





Summary:

  • बिहार में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की गई है।

  • 29 जिलों में भारी बारिश और आंधी का अनुमान है।

  • किसानों की फसलें बारिश के कारण प्रभावित हो रही हैं।

  • किसानों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।

  • लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



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