पिछले विधानसभा चुनाव में सिर्फ कुछ मतों के अंतर से हारने वाले रोहित पांडेयइस बार एक मजबूत वापसी के साथ मैदान में हैं। 2020 में उन्होंने लगभग 40% वोट हासिल किए थे, जो इस बार भी समान या इससे अधिक होने की संभावना है। इस क्षेत्र में भाजपा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर युवा मतदाताओं और विकास कार्यों के समर्थन से।
वोट प्रतिशत और मतदान प्रतिशत
हालिया मतदान में भागलपुर क्षेत्र में लगभग 58% से 60% की अच्छी वोटिंग हुई है, जो चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बना चुकी है। युवा एवं मध्यम वर्ग के मतदाता रोहित पांडेय के पक्ष में भारी समर्थन दिखा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनका प्रचार जोर-शोर से हुआ, जिससे मतदान पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
जातीय-धार्मिक समीकरण
भागलपुर में मौजूद मुस्लिम, वैश्य, ब्राह्मण, राजपूत और दलित मतदाताओं की बड़ी तादाद में भाजपा के पक्ष में एकरूपता देखी जा रही है। पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार भिड़ंत कम है, जिससे रोहित पांडेय को ज्यादा वोट मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रमुख विकास कार्य और राजनीतिक माहौल
बीते वर्षों में रोहित पांडेय ने स्थानीय विकास और बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया है, जिससे आम जनता में उनके प्रति विश्वास बढ़ा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता प्रदेश में उनकी लोकप्रियता का कारण बनी है।
तुलना पिछले चुनावों से
| वर्ष | रोहित पांडेय का वोट प्रतिशत | मतों का अंतर | स्थिति |
|---|---|---|---|
| 2020 | लगभग 40% | 1,113 | हार गए |
| 2025 (अनुमान) | 42-45% (लगभग) | स्पष्ट बढ़त | जीत के प्रबल दावेदार |
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया
ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार के दौरान रोहित पांडेय को काफी समर्थन मिला। निगरानी के अनुसार, उनके प्रचार में लोकल मुद्दों और युवाओं की भागीदारी पर खास ध्यान दिया गया, जो उनके जीतने की संभावनाओं को मजबूत किया है।
भागलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले चुनाव में रोहित पांडेय की जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। मतदान दर, जातीय समीकरण, विकास कार्यों का असर और सोशल मीडिया समर्थन इस जीत के मजबूत आधार हैं। 2025 का यह चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी सफलता साबित होगा।
Disclaimer: यह रिपोर्ट जनता की भावनाओं, मतदान प्रतिशत, पिछली चुनावी जानकारी और वर्तमान राजनीतिक माहौल के विश्लेषण पर आधारित है। अंतिम परिणाम चुनाव आयोग की घोषणा के बाद ही पूर्णतः सुनिश्चित होंगे।






