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इस लेख में बताया गया है कि बिहार में लोग वोट डालने के बाद रेल यात्रा में किस तरह फंस गए हैं और रेलवे प्रशासन इस समस्या का समाधान कैसे कर रहा है।




पटना में बिहार विधानसभा चुनावों के लिए वोट डालने के बाद हजारों यात्री रेलवे स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। ट्रेन की सीटें नहीं मिल रही हैं, और लंबी दूरी की ट्रेनें 250 से ज्यादा वेटिंग लिस्ट में हैं।


इस सप्ताह, प्रवासी श्रमिक और मतदाता अपने गांवों में वोट डालने के लिए आए थे। अब, चुनाव समाप्त होने के बाद, वे दिल्ली, मुंबई, पंजाब और गुजरात में अपने काम पर लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पटना जंक्शन, आरा, बक्सर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई है।


यात्री अब प्लेटफार्मों पर रात बिताने को मजबूर हैं। एक दरभंगा निवासी ने बताया कि वेटिंग लिस्ट 300 से ऊपर जा चुकी है और बस के किराए भी दोगुने हो गए हैं।


रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के बाद यात्रा और छठ महापर्व की भीड़ के कारण यह समस्या बढ़ गई है। पटना डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की योजना बनाई जा रही है।


इस बीच, बस स्टेशनों पर भी भीड़ है, और निजी ऑपरेटरों ने किराए बढ़ा दिए हैं। प्रशासन ने अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलने की मांग की है ताकि भीड़ को संभाला जा सके। यात्रियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।





Summary:

  • बिहार में हजारों यात्री वोटिंग के बाद फंसे हुए हैं।

  • ट्रेन की सीटें उपलब्ध नहीं हैं और वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई है।

  • प्रवासी श्रमिक वापस अपने काम पर लौटने में समस्या का सामना कर रहे हैं।

  • रेलवे अधिकारी अतिरिक्त ट्रेनों की योजना बना रहे हैं।

  • बस स्टेशनों पर भी भीड़ है और किराए बढ़ गए हैं।



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