क्या है इसमें:
यह लेख रोहिणी आचार्य की पार्टी में हालिया विवाद और परिवार के भीतर की खींचतान के बारे में है।
पटना में रोहिणी आचार्य, जो राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी हैं, ने अपने परिवार में उठे विवाद को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी की हार पर सवाल उठाने पर उन्हें अपमानित किया गया, चप्पलों से मारा गया और घर से बाहर निकाल दिया गया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रोहिणी ने पार्टी के दो सलाहकारों, संजय यादव और रमीज, का नाम लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेने से लोग भाग रहे हैं। रोहिणी ने कहा कि जब वह इन सलाहकारों का नाम लेती हैं, तो उन्हें घर से बाहर निकाल दिया जाता है।
रोहिणी ने कहा कि वह बहुत परेशान थीं और सीधे पटना हवाईअड्डे पहुंच गईं। वहां उन्होंने मीडिया से कहा कि पार्टी के नेता हार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अकेले ही हार का दोषी ठहराया जा रहा है।
रोहिणी ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि संजय और रमीज ने चुनाव से पहले ही उन्हें राजनीति और परिवार से दूर रहने की चेतावनी दी थी। पहले से ही चल रहे तनाव के बीच, अब यह विवाद और बढ़ गया है।
राजद की हार के बाद पार्टी के भीतर जिम्मेदारी की तलाश में खींचतान बढ़ गई है। रोहिणी और तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों के बीच का यह सार्वजनिक झगड़ा पार्टी की रणनीति और जिम्मेदारी पर गहरे मतभेदों को उजागर कर रहा है।
सारांश:
- रोहिणी आचार्य ने पार्टी में यथास्थिति को चुनौती दी।
- उन्होंने संजय यादव और रमीज का नाम लेकर विवाद खड़ा किया।
- पार्टी की हार पर परिवार के भीतर जिम्मेदारी का विवाद है।
- रोहिणी ने मीडिया में अपनी परेशानी साझा की।
- यह खींचतान पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाती है।






