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बिहार में एक बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है। दो लोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सहायक बनकर पैसे मांग रहे थे और पकड़े गए हैं।
भागलपुर में हाल ही में एक बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है। दो लोग जो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सहायक बनकर पैसे मांग रहे थे, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना उस समय हुई जब ये लोग भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल को लगातार फोन कर रहे थे।
सांसद अजय मंडल को पिछले एक हफ्ते से संदिग्ध कॉल्स मिल रहे थे। फोन करने वाला खुद को अमित शाह का निजी सहायक बताता था और तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव डालता था। सांसद ने पहले सोचा कि ये कॉल्स गंभीर नहीं हैं, लेकिन जब लगातार कॉल्स आने लगे, तो उन्होंने पुलिस को सूचित करने का फैसला किया।
सांसद ने रंगरा पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने फिर एक जाल बिछाने के लिए उनकी मदद मांगी। सांसद ने योजना बनाई कि वे फोन करने वाले के साथ सहयोग करेंगे और पैसे एक निश्चित स्थान पर देने के लिए कहेंगे। इस योजना से पुलिस को धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने में मदद मिली।
शनिवार को शाम लगभग 5 बजे, धोखेबाज ने फिर से सांसद से संपर्क किया और पैसे की मांग की। सांसद ने उन्हें नवगछिया में हिमांशु पेट्रोल पंप पर बुलाया। जब आरोपी वहां पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार लोगों की पहचान राजकुमार पांडे और रवि पांडे के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पुलिस को शक है कि ये लोग महत्वपूर्ण नेताओं का नाम लेकर लोगों को धोखा देते हैं। सांसद अजय मंडल ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और जांच जारी है।
Summary:
- दो लोग अमित शाह के निजी सहायक बनकर पैसे मांग रहे थे।
- सांसद ने पुलिस को समय पर सूचित किया।
- पुलिस ने एक योजना के तहत उन्हें गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तार लोग उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में है।






