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बिहार में सर्दियों के बढ़ने के साथ वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। 15 प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता खराब हुई है।
पटना: बिहार में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वायु प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नई रिपोर्ट के अनुसार, 15 बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता बिगड़ गई है। ठंडी हवाएं धुएं और धूल के कणों को नीचे की ओर ले जा रही हैं, जिससे हवा “बीमार” और असुरक्षित हो रही है।
पटना की स्थिति सबसे चिंताजनक है। गांधी मैदान पर रविवार को AQI 160 रिकॉर्ड किया गया, जो शहर का सबसे प्रदूषित क्षेत्र है। डानापुर (136), प्लानेटेरियम के पास (132) और राजवंशी नगर (123) भी “मध्यम प्रदूषित” श्रेणी में हैं। केवल पटना सिटी में “संतोषजनक” AQI 100 है। मुख्य सड़कों पर धूल बढ़ने के कारण, पटना नगर निगम कई इलाकों में पानी छिड़कने का काम कर रहा है।
पटना के बाहर भी कई शहरों में वायु गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिल रही है। हाजीपुर राज्य में सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बन गया है। कटिहार (96), मोतिहारी (84), सहरसा (83), बेतिया (90) और भागलपुर (94) “संतोषजनक” श्रेणी में हैं, लेकिन प्रदूषण बढ़ने के साथ ये खतरे की ओर बढ़ रहे हैं। लोग खासकर सुबह और शाम को सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
मौसम की स्थिति और भी खराब होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बिहार के कई जिलों में तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट की सूचना दी है। सर्दियों में हवाएं धीमी हो जाती हैं, जिससे धूल और प्रदूषक जमीन के करीब फंसे रहते हैं। धुंध और कम धूप भी हवा को साफ होने से रोकती है।
आने वाले छह से सात दिनों तक मौसम सूखा और धुंधला रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि वायु गुणवत्ता में तुरंत सुधार होने की संभावना कम है।
Summary:
- बिहार में सर्दी के बढ़ने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
- पटना में AQI 160 तक पहुंच गया है, जो चिंताजनक है।
- हाजीपुर सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र बना है।
- धूल और प्रदूषक हवा में फंसे हैं, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो रही है।
- आने वाले दिनों में मौसम सूखा और धुंधला रहने वाला है।






