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यह लेख पटना-सासाराम हाईवे के निर्माण में हुई देरी की जानकारी देता है और आगे की प्रक्रिया के बारे में बताता है।




पटना-सासाराम चार लेन हाईवे का निर्माण एक बड़ी समस्या का सामना कर रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने ओमान की कंपनी गाल्फार इंजीनियरिंग का ठेका रद्द कर दिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि कंपनी को ओमान के गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला।


अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने अब फिर से मंजूरी के लिए आवेदन किया है और ओमान की सरकार से आवश्यक clearance प्राप्त करने के लिए दस और दिन मांगे हैं। अगर निर्धारित समय में यह मंजूरी नहीं मिलती है, तो NHAI एक नया टेंडर जारी करेगा।


इस परियोजना की लागत लगभग 3,712.40 करोड़ रुपये होने का अनुमान है और इसे 2028 तक पूरा करने की योजना थी। लेकिन अब टेंडर रद्द होने के कारण समय सीमा पूरी होने की संभावना कम हो गई है। NHAI अगले महीने तक नई टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य बना रहा है।


यह 120 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय हाईवे पटना को सासाराम से जोड़ेगा और यात्रा के समय को चार घंटे से घटाकर दो घंटे करने की उम्मीद है। इसे दो चरणों में बनाया जाएगा: पहला चरण पटना से भोजपुर तक 46 किलोमीटर और दूसरा चरण आरा से सासाराम तक 74 किलोमीटर का होगा।


एक वरिष्ठ NHAI अधिकारी ने बताया कि ओमान के ठेकेदार के बिना काम आगे नहीं बढ़ सकता। अगर दस दिन के भीतर आवश्यक मंजूरी नहीं मिलती है, तो नया टेंडर जारी किया जाएगा। लंबे समय तक देरी से हाईवे की कुल लागत भी बढ़ सकती है।





Summary:

  • पटना-सासाराम हाईवे का ठेका रद्द किया गया है।

  • ओमान की कंपनी को आवश्यक मंजूरी नहीं मिली थी।

  • योजना के अनुसार, हाईवे 2028 तक पूरा होना था।

  • यह हाईवे यात्रा के समय को कम करने में मदद करेगा।

  • आगे की प्रक्रिया अगले महीने तक पूरी की जाएगी।



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