What’s inside:

इस लेख में बिहार में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर और इसके स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई है।




पटना में ठंड और कोहरे के साथ, वायु प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में, राज्य के नौ जिलों में प्रदूषित हवा की रिपोर्ट की गई, जिसमें पटना सबसे आगे है।


पटना का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 165 है, जो कि मध्यम प्रदूषण का संकेत है। यह विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन समस्याओं वाले लोगों के लिए असुविधा पैदा कर सकता है।


राजधानी के समनपुरा में AQI 226 आया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। अन्य क्षेत्रों में भी प्रदूषण बढ़ा है, जैसे कि ग्रहणालय क्षेत्र 209, मुरादपुर 160 और दानापुर 175।


धूल के कणों के बढ़ने का कारण मौसम में बदलाव और हवा की गति में कमी है। नगरपालिका अधिकारियों ने सड़कों पर पानी छिड़कने का काम शुरू किया है ताकि धूल के स्तर को कम किया जा सके।


विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हवा की गति और कम होती है, तो आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ सकता है। इसलिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।





Summary:

  • बिहार में वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हो रही है।

  • पटना का AQI 165 है, जो मध्यम प्रदूषण दर्शाता है।

  • समनपुरा क्षेत्र का AQI 226 है, जो खराब श्रेणी में आता है।

  • धूल के कणों की वृद्धि मौसम में बदलाव से जुड़ी है।

  • विशेषज्ञों ने प्रदूषण में और बढ़ोतरी की चेतावनी दी है।



Leave a comment