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पटना मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण के बारे में जानकारी, जिसमें पूरी तरह से भूमिगत लाइन और नए स्टेशन शामिल हैं।




पटना में मेट्रो का दूसरा चरण शुरू हो गया है। यह पूरी तरह से भूमिगत है और पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक फैला हुआ है। यह लगभग छह से सात किलोमीटर लंबा है और शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों के नीचे चलता है।


इस भूमिगत लाइन को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला हिस्सा पटना जंक्शन से विकास भवन तक है, और दूसरा विकास भवन से रुकनपुरा तक। पहले हिस्से में खुदाई का काम तेजी से चल रहा है, जो लगभग 100 फीट नीचे हो रहा है।


इस मेट्रो में पहली बार आइलैंड प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। यानी एक ही प्लेटफार्म से दोनों दिशा की ट्रेनों में चढ़ना और उतरना आसान होगा। इससे यात्रियों की भीड़ को संभालना आसान होगा।


इस भूमिगत हिस्से में कुल छह स्टेशन होंगे: पटना जंक्शन, विद्युत भवन, विकास भवन, पटना चिड़ियाघर, राजाबाजार और रुकनपुरा। सभी स्टेशन पूरी तरह से एयर कंडीशंड होंगे और बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगे।


इस चरण का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा किया जा रहा है और इसे 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। पटना मेट्रो में दो मुख्य कॉरिडोर होंगे: लाल लाइन और नीली लाइन, जो कुल 24 स्टेशनों को कवर करेगी।





Summary:

  • पटना मेट्रो का दूसरा चरण भूमिगत है।

  • कुल छह स्टेशन होंगे जो एयर कंडीशंड होंगे।

  • आइलैंड प्लेटफार्म यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करेंगे।

  • निर्माण का कार्य HCC द्वारा किया जा रहा है।

  • 36 महीने में पूरा होने की योजना है।



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