भागलपुर में विक्रमशिला-कटारिया नई डबल रेल लाइन और गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन के निर्माण कार्य को अब गति मिलेगी। भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण अब तक रुका यह काम जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बुधवार को कहलगांव में अधिकारियों के साथ बैठक कर इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेज़ी लाने का निर्देश दिया।
भूमि अधिग्रहण में तेज़ी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बुधवार को गोड्डा-पीरपैंती और विक्रमशिला-कटारिया रेल लाइनों के भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा की। यह बैठक कहलगांव के कार्यालय कक्ष में हुई थी। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी पीरपैंती, अंचलाधिकारी कहलगांव और प्रखंड विकास पदाधिकारी पीरपैंती समेत कई अधिकारी मौजूद थे। डीएम ने कहलगांव के सीईओ को निर्देश दिया कि परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन से संबंधित रैयतों (जमीन मालिकों) के नाम, जमाबंदी नंबर, खाता, खेसरा और भूमि के प्रकार की जानकारी जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी को दी जाए। इसके साथ ही, अंचलाधिकारियों पीरपैंती और कहलगांव को संबंधित रैयतों से प्रतिदिन आवेदन लेने, कैंप लगाकर वंशावली बनाने और एलपीसी (भू-लगान भुगतान प्रमाणपत्र) जारी करने की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा भी इस परियोजना की निगरानी की जा रही है।
विक्रमशिला-कटारिया डबल लाइन परियोजना
विक्रमशिला से कटारिया तक नई डबल रेल लाइन की कुल लंबाई 26.23 किलोमीटर होगी। इस परियोजना में बड़ेश्वर स्थान के पास गंगा नदी पर एक पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल लगभग चार किलोमीटर लंबा और 13 मीटर चौड़ा होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 2178.38 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह रेल लाइन भागलपुर जिले में 8 किलोमीटर तक आएगी, जिसमें विक्रमशिला से नवगछिया तक पुल का निर्माण भी शामिल है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना का नाम | विक्रमशिला-कटारिया नई डबल रेल लाइन |
| कुल लंबाई | 26.23 किलोमीटर |
| गंगा पर पुल की लंबाई | 4 किलोमीटर |
| गंगा पर पुल की चौड़ाई | 13 मीटर |
| अनुमानित लागत | 2178.38 करोड़ रुपये |
गोड्डा-पीरपैंती नई रेल लाइन और अन्य परियोजनाएं
भागलपुर से झारखंड के लिए एक नया रूट भी तैयार होगा, जिसका नाम पीरपैंती-गोड्डा नई रेल लाइन है। इसकी कुल लंबाई 57 किलोमीटर होगी, जिस पर 282 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस लाइन का निर्माण गोड्डा से महगामा तक 26 किलोमीटर, महगामा से मेहरमा तक 21 किलोमीटर और मेहरमा से पीरपैंती तक 10 किलोमीटर में किया जाएगा। इसके अलावा, कहलगांव और पीरपैंती में चल रही थर्मल पावर परियोजना, विक्रमशिला विश्वविद्यालय सहित अन्य परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण की लगातार निगरानी और समीक्षा जारी रखने की बात कही।






