भागलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर जल्द ही पटरियों के नीचे बिछे स्लीपर बदले जाएंगे। मालदा रेल मंडल ने इसके लिए जरूरी सामान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौजूदा समय में बिछे स्लीपर करीब 25 साल पुराने हो चुके हैं जिन्हें अब हटाकर नए और अधिक वजन वाले स्लीपर लगाए जाएंगे।
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क्या है इस बदलाव की मुख्य वजह?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्लेटफार्म संख्या 3 का ट्रैक काफी पुराना हो गया है। पुराने स्लीपर 52 किलो के थे जिन्हें अब 60 किलो वाले स्लीपरों से बदला जा रहा है। ये नए स्लीपर पुराने की तुलना में ज्यादा चौड़े और भारी हैं जो ट्रेनों को अधिक मजबूती और स्थिरता प्रदान करेंगे। इस बदलाव से यार्ड के भीतर ट्रेनों की रफ्तार में भी सुधार होगा।
प्रोजेक्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
- कुल स्लीपर की संख्या: इस काम के लिए कुल 1,200 नए स्लीपर लगाए जाने हैं।
- वर्तमान स्थिति: मुख्यालय द्वारा अब तक 850 स्लीपर भागलपुर इंजीनियरिंग विभाग को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
- तकनीकी सुधार: 52 किलो के स्लीपर की जगह 60 किलो के स्लीपर लगेंगे।
- रफ्तार में बढ़ोतरी: ट्रैक मजबूत होने से यार्ड क्षेत्र में ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाई जा सकेगी।
स्टेशन विकास और यात्रियों को लाभ
यह कार्य भागलपुर स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है। इसके तहत प्लेटफार्म संख्या 2, 3 और 6 का विस्तार भी किया जाना है ताकि वहां 24 कोच वाली लंबी ट्रेनें आसानी से खड़ी हो सकें। मालदा डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता की निगरानी में यह काम पूरा किया जा रहा है ताकि गर्मी के सीजन की भीड़ से पहले बुनियादी ढांचा तैयार हो जाए।






