महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। बीते बुधवार को एक चार्टर विमान हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद अब सोशल मीडिया पर पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
विमान दुर्घटना और अजित पवार के अंतिम संस्कार की पूरी जानकारी
अजित पवार का पार्थिव शरीर आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पंचतत्वों में विलीन हो गया। महाराष्ट्र सरकार ने उनके सम्मान में राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक और सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस विमान हादसे से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दुर्घटना की तिथि | 28 जनवरी 2026 |
| दुर्घटना स्थल | बारामती एयरपोर्ट के पास, पुणे |
| विमान का प्रकार | Learjet 45 (VSR Ventures) |
| मृतकों की संख्या | 5 (अजित पवार, सुरक्षा अधिकारी, सहायक और दो पायलट) |
| अंतिम विदाई | 29 जनवरी 2026 (राजकीय सम्मान के साथ) |
पटना एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर क्यों जताई जा रही है चिंता?
अजित पवार के विमान हादसे के बाद वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय एक तस्वीर साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पटना हवाई अड्डे से उड़ान भरते समय कई बुरे ख्याल मन में आते हैं। इसके बाद से ही लोग पटना एयरपोर्ट के छोटे रनवे और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं।
- पटना एयरपोर्ट के रनवे की कुल लंबाई 2,072 मीटर है लेकिन बाधाओं के कारण प्रभावी लंबाई काफी कम है।
- सचिवालय के क्लॉक टावर और चिड़ियाघर के पेड़ों की वजह से विमानों को लैंडिंग के लिए केवल 1,677 मीटर से 1,938 मीटर जगह ही मिल पाती है।
- बड़े विमानों जैसे एयरबस A320 के लिए तकनीकी रूप से 2,300 मीटर का रनवे जरूरी माना जाता है।
- DGCA ने सुरक्षा कारणों से यहां लोड पेनाल्टी के नियम लागू किए हैं जिससे विमान कम वजन के साथ उड़ान भरते हैं।
रनवे के विस्तार के लिए पटना चिड़ियाघर की 15 एकड़ जमीन और सचिवालय टावर की ऊंचाई कम करने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है।






