बिहार के युवाओं के लिए पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026’ को मंजूरी मिल गई है। सरकार का मानना है कि इस नई नीति से राज्य में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 2 लाख से ज्यादा लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलने का रास्ता साफ होगा। इस फैसले को बिहार को पूर्वी भारत का टेक्नॉलजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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कंपनियों को जमीन और पैसे में मिलेगी भारी छूट

इस पॉलिसी को आकर्षित बनाने के लिए सरकार ने कंपनियों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। अगर कोई कंपनी यहां फैक्ट्री लगाती है, तो उसे केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद के अलावा बिहार सरकार भी मदद देगी। राज्य सरकार केंद्र द्वारा दी जाने वाली राशि का 60% अपनी तरफ से अलग से देगी। जमीन को लेकर भी बड़े नियम बनाए गए हैं:

  • जो निवेशक 100 करोड़ रुपये लगाएंगे और कम से कम 1,000 लोगों को नौकरी देंगे, उन्हें 10 एकड़ जमीन मुफ्त (सिर्फ 1 रुपये टोकन मनी) में मिलेगी।
  • फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ जमीन मुफ्त देने का प्रावधान है।
  • 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट पर 25 एकड़ तक जमीन दी जा सकती है।
  • बाकी निवेशकों को BIADA की दरों पर 50% की छूट मिलेगी।

बिजली-पानी सस्ता और AI मिशन की भी तैयारी

नई फैक्ट्रियों को चलाने के लिए बिजली और पानी सस्ते दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनियों को राज्य जीएसटी (SGST) में भी भारी छूट मिलेगी, जो प्रोजेक्ट लागत का 300% तक वापस (रीइम्बर्समेंट) मिल सकता है। यह सुविधा 14 सालों तक मिल सकती है। कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर के साथ-साथ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ और ‘बिहार स्टेट मार्केटिंग अथॉरिटी’ बनाने पर भी मुहर लगाई है। सरकार ने बजट में भी इसका इंतजाम किया है ताकि निवेशकों को इसका फायदा तुरंत मिल सके।

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