भागलपुर में अब होल्डिंग टैक्स की चोरी करना आसान नहीं होगा। नगर निगम ने टैक्स चोरी पकड़ने के लिए हाईटेक तरीका अपनाया है। अब शहर के हर घर और बिल्डिंग की निगरानी Google Maps और GIS तकनीक से की जा रही है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की मदद से तैयार इस सिस्टम का कंट्रोल पुलिस लाइन स्थित कमांड सेंटर में बनाया गया है।
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कैसे पकड़ी जाएगी टैक्स की चोरी?
अक्सर देखा गया है कि लोग बहुमंजिला इमारत बना लेते हैं लेकिन टैक्स सिर्फ एक मंजिल का देते हैं। नए सिस्टम में GIS मैपिंग के जरिए बिल्डिंग की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई का सही पता लग जाएगा। इससे यह साफ हो जाएगा कि किस मकान में कितने फ्लोर हैं और कितना एरिया बना हुआ है।
आउटसोर्सिंग एजेंसी Logikoof ने शहर के लगभग 65,000 घरों का डेटा सिस्टम में फीड कर दिया है। कुल 81,000 होल्डिंग्स का डेटा इसमें डाला जा रहा है। अगर किसी ने अपने घर का गलत विवरण दिया है तो वह सॉफ्टवेयर की पकड़ में आ जाएगा। नगर आयुक्त ने सभी टैक्स कलेक्शन एजेंसियों को सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।
टैक्स छूट और पेनल्टी के नियम जानिए
नगर निगम ने टैक्स जमा करने और छूट पाने के लिए कुछ नियम तय किए हैं। अगर आप समय पर टैक्स भरते हैं तो आपको फायदा मिल सकता है, वहीं देरी करने पर ब्याज देना पड़ेगा।
- जून तक छूट: अगर आप 30 जून तक टैक्स जमा करते हैं तो 5% की छूट मिलेगी।
- ग्रेस पीरियड: जुलाई से सितंबर के बीच टैक्स भरने पर कोई फाइन नहीं लगेगा।
- ब्याज: अक्टूबर से मार्च तक देरी करने पर 1.5% से 9% तक ब्याज देना होगा। मार्च के बाद यह ब्याज हर महीने 1.5% बढ़ता जाएगा।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग: जिन घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है, उन्हें टैक्स में अलग से 5% की छूट मिलेगी।
लोग अपना टैक्स bhagalpursmartcity.co.in या Logikoof Municipal App के जरिए जमा कर सकते हैं। रिहायशी मकानों पर 70% और कमर्शियल पर 80% बिल्ट-अप एरिया पर टैक्स लगता है।






