भागलपुर शहर के विकास कार्यों को लेकर नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह से सख्त हो गया है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने स्पष्ट कर दिया है कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में उन्होंने बुडको (BUDCO) और निगम के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि शहर में चल रहे सीवरेज और पानी की योजनाओं को हर हाल में समय पर पूरा करना होगा ताकि गर्मी में लोगों को दिक्कत न हो।

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काम में गड़बड़ी मिलने पर क्या होगी कार्रवाई?

समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने काम की गुणवत्ता को लेकर नए और कड़े नियम बताए हैं। अब अगर किसी ठेकेदार का काम घटिया पाया जाता है या तय मानकों के अनुसार नहीं होता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

  • पैसे की कटौती: काम में गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार को मिलने वाली कुल राशि में से 20% काट लिया जाएगा।
  • कानूनी कार्रवाई: अगर ज्यादा लापरवाही या जानबूझकर गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
  • लैब टेस्टिंग: अब सिर्फ सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज ही नहीं, बल्कि थर्ड पार्टी लैब से भी निर्माण सामग्री की जांच कराई जाएगी।

कब तक पूरा करना होगा काम?

नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सख्त डेडलाइन दी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि 31 मार्च 2026 तक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर सप्लाई का काम पूरा कर लिया जाए। इसका मकसद है कि गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने भी साहेबगंज में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया और मशीनों की क्वालिटी से कोई समझौता न करने की बात कही है।

बुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश कुमार ने जानकारी दी है कि शहर में कुल 9 पंपिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। इनमें से 3 का काम पूरा हो चुका है और बाकी 6 पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही, यह भी ध्यान रखा जाएगा कि एक ही जगह पर दो अलग-अलग विभाग काम न शुरू कर दें, ताकि पैसे की बर्बादी न हो।

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