वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए हवाई सफर और कनेक्टिविटी को लेकर बड़े ऐलान किए हैं। सरकार ने देश के छोटे शहरों को जोड़ने वाली ‘उड़ान’ (UDAN) योजना का बजट बढ़ा दिया है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अब पानी पर उतरने वाले जहाज यानी सी-प्लेन (Sea-plane) चलाने की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि हवाई सफर आम आदमी की पहुंच में रहे और पर्यटन वाले इलाकों तक पहुंचना आसान हो जाए।

हवाई सफर और सी-प्लेन के लिए क्या खास है?

सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना ‘उड़ान’ के लिए 550 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 27% ज्यादा है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में छोटे शहरों से भी हवाई जहाज की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा सी-प्लेन को लेकर एक नई स्कीम (VGF Scheme) शुरू की गई है।

सी-प्लेन वे छोटे जहाज होते हैं जो पानी और जमीन दोनों जगह से उड़ान भर सकते हैं। सरकार चाहती है कि ये सी-प्लेन भारत में ही बनें, जिससे इनकी लागत कम हो। इससे दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि सी-प्लेन चलाने वाली कंपनियों को शुरुआती दौर में आर्थिक मदद दी जाएगी ताकि वे अपना काम आसानी से जमा सकें।

विमान के पुर्जे और सड़कों के लिए कितना पैसा मिला?

विमान बनाने और उनकी मरम्मत (MRO) के काम को सस्ता करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विमान के पुर्जे और कच्चा माल बाहर से मंगाने पर अब कस्टम ड्यूटी (Tax) नहीं लगेगी। इससे हवाई जहाज की मरम्मत भारत में ही सस्ती हो सकेगी और हमें विदेशी कंपनियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय को भी इस बार 3.09 लाख करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले साल से 8% ज्यादा है।

विभिन्न मंत्रालयों और योजनाओं का बजट आवंटन:

विभाग/योजना आवंटित राशि (2026-27)
सड़क परिवहन मंत्रालय ₹3.09 लाख करोड़
NHAI (नेशनल हाइवे) ₹1.87 लाख करोड़
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ₹4,699.92 करोड़
उड़ान (UDAN) योजना ₹550 करोड़

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