पटना वासियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। गंगा नदी में बहुप्रतीक्षित पटना वाटर मेट्रो का ट्रायल रन शुरू हो गया है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। दीघा घाट से कंगन घाट के बीच चलने वाली इस सेवा के लिए विशेष जहाज कोलकाता से मंगाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने दशहरा के आसपास इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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रूट और स्टॉपेज की पूरी जानकारी
यह वाटर मेट्रो कुल 21 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसका रूट दीघा घाट से शुरू होकर कंगन घाट तक जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, बीच के सफर में यात्रियों की सुविधा के लिए दो प्रमुख स्टॉपेज बनाए गए हैं। यह मेट्रो गांधी घाट और गाय घाट पर भी रुकेगी।
ट्रायल रन की शुरुआत 30 सितंबर 2025 को ‘MV Gomadharkonwar’ नामक जहाज के साथ की गई है। दुर्गा पूजा के बाद और भी ट्रायल किए जाएंगे ताकि सुरक्षा के सारे मानक परखे जा सकें। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 908 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी से हो रहा है।
कैसी होगी वाटर मेट्रो की बोट?
इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाली नावें काफी आधुनिक और सुविधाजनक हैं। ये हाइब्रिड कैटामरान वेसल हैं जो पूरी तरह वातानुकूलित (AC) हैं। एक बोट में 50 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि 25 लोग खड़े होकर भी यात्रा कर सकते हैं।
यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बोट है, जिससे गंगा नदी में प्रदूषण भी नहीं होगा। इसका संचालन Bihar State Tourism Development Corporation (BSTDC) द्वारा किया जाएगा। नेशनल वाटरवे-1 के तहत पटना को एक प्रमुख हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 16 सामुदायिक जेटी और दो रो-पैक्स टर्मिनल भी शामिल हैं।






