भागलपुर में 7 फरवरी को Rose Day के मौके पर गुलाब के फूलों की जबरदस्त मांग देखने को मिली है। शहर के खलीफाबाग और स्टेशन रोड जैसे प्रमुख बाजारों में सुबह से ही युवाओं की भीड़ लगी रही और कई दुकानों पर दोपहर होते-होते स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई। आम दिनों में 10 से 20 रुपये में मिलने वाला गुलाब का फूल आज 50 से 100 रुपये तक बिका। व्यापारियों के अनुसार, वैलेंटाइन सप्ताह के दौरान शहर में 10 लाख से अधिक गुलाब के फूलों का कारोबार होने का अनुमान है। मौसम में आई गिरावट और 10.4 डिग्री तापमान ने भी फूलों की ताजगी बनाए रखने में मदद की है।
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भागलपुर में गुलाब की कीमत और मांग
बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय उत्पादन के अलावा कोलकाता और बेंगलुरु से भी ‘Top Secret’ और ‘Red Velvet’ जैसी किस्मों के गुलाब मंगवाए गए हैं। सबौर, नाथनगर, कहलगांव और गोराडीह जैसे इलाकों में अब किसान पारंपरिक खेती छोड़कर फूलों की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। एक एकड़ में पॉलीहाउस लगाकर गुलाब की खेती करने वाले किसान सालाना 6 से 15 लाख रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं।
इस सप्ताह फूलों के रेट कुछ इस प्रकार चल रहे हैं:
| फूल की वैरायटी | सामान्य कीमत | आज की कीमत |
|---|---|---|
| सिंगल गुलाब (High Quality) | ₹10 – ₹20 | ₹50 – ₹100 |
| साधारण बुके | ₹300 – ₹500 | ₹800 से शुरू |
| प्रीमियम बुके | ₹800 – ₹1000 | ₹1,200 – ₹4,000+ |
किसानों को मिलती है 50% सब्सिडी
बिहार हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी (BHDS) द्वारा संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अच्छी मदद दी जा रही है। गुलाब की खेती के लिए सरकार ने 426 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लागत तय की है, जिस पर किसानों को 50 प्रतिशत यानी 213 रुपये प्रति वर्ग मीटर की सब्सिडी दी जाती है। किसान मेले में भी आधुनिक फ्लोरीकल्चर और पॉलीहाउस तकनीक को प्रदर्शित किया गया है।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर के वैज्ञानिक डॉ. परमवीर किसानों को फूलों की कटाई-छंटाई और खाद प्रबंधन की ट्रेनिंग देते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, सही समय पर प्रूनिंग करने से वैलेंटाइन वीक के दौरान ज्यादा फूल प्राप्त होते हैं। भागलपुर प्रशासन ने भी विक्रमशिला सेतु और मुख्य बाजारों में जाम से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि फूल खरीदने वालों और व्यापारियों को परेशानी न हो।






