सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ मंदिर के पीछे गंगा नदी में शुक्रवार की सुबह एक युवती का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान मुंगेर जिले के तारापुर मोहनगंज की रहने वाली 23 वर्षीय अदिति राज के रूप में हुई है। वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एक ही दिन जिले में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
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कैसे गायब हुई थीं शिक्षिका अदिति राज?
अदिति राज तारापुर के मोहनगंज के कपड़ा व्यवसायी दिलीप कुमार चौधरी की बेटी थीं। वह गुरुवार को स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने स्कूल से छुट्टी ली और दोपहर 12:30 बजे निकल गईं, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। परेशान परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह सुल्तानगंज पुलिस ने शव मिलने की सूचना दी, जिसके बाद पिता ने थाने पहुंचकर अपनी बेटी की पहचान की। थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बताया कि यह मामला घरेलू विवाद के चलते आत्महत्या का लग रहा है। घर में उनकी शादी की तैयारी चल रही थी और मां बीमार हैं, जिन्हें अभी इस घटना के बारे में नहीं बताया गया है। पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
बाथ इलाके में भी हुआ एक दर्दनाक हादसा
दूसरी घटना बाथ थाना क्षेत्र के आभा-रतनपुर गांव की है। यहां 91 वर्षीय बुजुर्ग किसान नरेंद्र नारायण सिंह की तालाब में डूबने से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह वह शौच के लिए गए थे, तभी पैर फिसलने से गहरे पानी में चले गए।
उनके चार बेटे और तीन बेटियां हैं। बाथ थाना प्रभारी मंटू कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने यू.डी. केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






